मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा)

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा)

युवाओं को रोजगार सृजित किये जाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने/आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 01 लाख नई सूक्ष्म, लघु मध्यम इकाईयों को स्थापित किये जाने हेतु उक्त योजना को मिशन मोड के रूप में आगामी 10 वर्षों की समयावधि में प्रदेश में 10 लाख नयी सूक्ष्म इकाईयां स्थापित किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरुआत की जा रही है।

योजना की प्रमुख पात्रता एवं शर्ते निम्नवत हैः-

•             आवेदक जनपद का निवासी हो एवं आयु 21 से 40 वर्ष होनी चाहिए।

•             आवेदक की शैक्षिक योग्यता न्यूनतम कक्षा आठ होनी चाहिए। इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अथवा समकक्ष को वरीयता दी जायेगी।

•             आवेदक को विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे-विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश स्किल डवलपमेंट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन आदि में प्रशिक्षित हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान से कौशल सम्बन्धी सर्टिफिकेट कोर्स/डिप्लोमा/डिग्री प्राप्त/अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त एवं अनुसूचित जाति/जनजाति महिला अभ्यार्थियों को भी वरीयता दी जायेगी।

ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रियाः-

•             आवेदक दी गयी वेबसाइट http//msme.up.gov.in के साथ-साथ अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी आवेदन कर सकते है।

•             शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र जैसे-न्यूनतम आठवी की मार्कशीट/हाईस्कूल अंक प्रमाण पत्र आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, स्कैन हस्ताक्षर, निवास का प्रमाण, नोटीकृत हलफनामा एवं परियोजना रिर्पोट को पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

योजनान्तर्गत वित्त पोषण योजना की प्रमुख बातेः –

•             उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रू. 5 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर परियोजना लागत का शत-प्रतिशत ब्याज उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 04 वर्षो के लिए दिया जायेगा।

•             कुल परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्मलोन के रूप में होना अनिवार्य होगा।

•             परियोजना में भूमि भवन का क्रय सम्मिलित नही होगा।

सामान्य वर्ग के लाभार्थियों का परियोजना लागत का 15 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के लिए 12.5 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांगजन के लाभार्थियों के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।

•             लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू. 5 लाख जो कम हो का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान बैंक इण्डेड होगा।

•             तम्बाकू उत्पाद, गुटखा पान मसाला अल्कोहल, वातयुक्त पेय पदार्थ कार्बोनेटेड उत्पाद, पटाखे, प्लास्टिक कैरी बैग (40 माइक्रान से कम) अथवा भारत/राज्य सरकार द्वारा समय समय पर प्रतिबंधित श्रेणी में रखे उत्पाद योजना में लाभ हेतु पात्र नही होगें।

•             योजनान्तर्गत राज्य की समस्त राष्ट्रीयकृत बैंक/ग्रामीण बैंक तथा वित्तीय संस्थाए ऋण वितरण हेतु पात्र होगी।

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